बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की चेक बाउंस के मामले में मुश्किलें बढ़ती जा रही है। दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को आज शाम 4 बजे तक सुपरिंटेंडेंट के सामने पेश होने का आदेश दिया है।
साल 2010 के चेक बाउंस का है मामला
साल 2010 में फिल्म “अता पता लापता” को बनाने के लिए राजपाल यादव ने 5 करोड रुपए का कर्ज लिया था, हालांकि वह फिल्म फ्लॉप हो गई, जिसके कारण उन्हें कर्ज चुकाने में परेशानी हुई।
नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के तहत राजपाल यादव पर दर्ज हुआ केस
राजपाल यादव के द्वारा पैसे चुकाने के लिए कंपनी को जो चेक दिया गया था, वह चेक बाउंस हो गए, इसी कारण कंपनी ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के तहत उनके ऊपर केस दर्ज किया।

साल 2013 में राजपाल यादव जा चुके हैं जेल
कोर्ट के द्वारा राजपाल यादव को कई बार नोटिस जारी किया गया, लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हुए, इसके कारण साल 2013 में वह जेल भी गए थे, हालांकि हाई कोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगा दी।
साल 2024 में राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली थी राहत
दिल्ली हाई कोर्ट ने साल 2024 में कहा, कि राज्यपाल यादव पेशेवर अपराधी नहीं है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को आपस में समझौता करने का आदेश दिया और मामला मेडिएशन में चला गया, जिसमें राजपाल यादव को 40 लाख रूपए तथा 2.10 करोड़ रुपए की किस्त देनी थी, हालांकि तय समय सीमा में एक भी किस्त राजपाल यादव के द्वारा जमा नहीं किया गया।
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5 फरवरी को होगी अगली सुनवाई
राजपाल यादव के वकील ने कोर्ट में बताया, कि राजपाल यादव मुंबई में काम में व्यस्त है। 5 फरवरी को इस मामले की अगली सुनवाई होगी।
